CJI सूर्यकांत दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनसे दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों और आवाजाही पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल किया गया था।
आखिर दिल्ली में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। उनकी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कथित ‘वोट चोरी’ की जांच जैसे मुद्दे शामिल हैं। ये विपक्ष के आरोप और मांगें हैं; इन्हें अपने आप में साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
प्रदर्शनों को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सप्ताहांत में सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती की गई और 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर आई।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात क्यों नहीं हुई?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CJI सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। वे अपनी मांगों और शिकायतों से जुड़ा ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, CJI ने इस मुलाकात से इनकार कर दिया।
CJI के जवाब का मुख्य आधार यह था कि इन मुद्दों से जुड़े मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों पर राजनीतिक नेताओं के साथ अलग से बैठक करना न्यायिक मर्यादा और शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत के अनुरूप नहीं होगा।
CJI ने आगे क्या कहा?
मुलाकात से इनकार करने के बावजूद CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए खुले हैं। आम नागरिक हो या किसी निर्वाचित संस्था का सदस्य, कोई भी कानून के अनुसार अपनी शिकायत अदालत के सामने रख सकता है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष अपनी मांगों को याचिका के जरिए अदालत के सामने रख सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस बयान का क्या मतलब था?
CJI का ‘यह मेरा विषय नहीं है’ वाला बयान दिल्ली की कानून-व्यवस्था और प्रदर्शनों के संदर्भ में दिया गया था। इसे पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की अंतिम राय या चुनाव संबंधी आरोपों पर फैसला नहीं समझना चाहिए। अदालत में किसी मुद्दे का अंतिम नतीजा कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होता है।
फिलहाल, इस घटनाक्रम में दो बातें अहम हैं—विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी शिकायतें उठा रहा है और CJI ने कहा है कि संबंधित मुद्दों को अदालत के सामने उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए रखा जाना चाहिए।







